अमृत सरोवर पोर्टल: उद्देश्य, विशेषताएं और महत्व

अमृत सरोवर पोर्टल 21 अप्रैल, 2022 को शुरू किया गया था। जिसका उद्देश्य देश भर में जलाशयों के संरक्षण और विकास को बढ़ावा देना है।

अमृत सरोवर पोर्टल 21 अप्रैल, 2022 को शुरू किया गया था। भारत सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल है जिसका उद्देश्य देश भर में जलाशयों के संरक्षण और विकास को बढ़ावा देना है। 

उद्देश्य:

अमृत सरोवर पोर्टल का मुख्य उद्देश्य देश भर के गांवों में जलसंग्रहण और जलाशय विकास गतिविधियों को बढ़ावा देना है। इससे पानी की गुणवत्ता और मात्रा में सुधार होगा, जो स्वच्छ जल की उपलब्धता को बढ़ावा देगा और जल स्तर को बनाए रखेगा।

अमृत सरोवर पोर्टल की विशेषताएं

  • जलाशय सूचकांक: पोर्टल में एक जलाशय सूचकांक है जो सभी लोगों द्वारा देखा जा सकता है। यह सूचकांक देश भर के गांवों में जलाशयों की वर्तमान स्थिति और विकास की मॉनिटरिंग करने में मदद करता है।
  • जलाशय अपलोड: इस पोर्टल पर, लोग अपने गांव के जलाशयों की तस्वीरें और जानकारी सा​झा कर सकते हैं। इससे जलाशयों की स्थिति का सटीक आकलन किया जा सकता है।
  • आम लोगों की भागीदारी: पोर्टल सामुदायिक भागीदारी को बढ़ावा देता है, जहां लोग अपने गांव के जलाशयों के संरक्षण और विकास में योगदान कर सकते हैं।
  • डेटा विश्लेषण: पोर्टल पर उपलब्ध डेटा का विश्लेषण किया जाता है, जिससे जलाशयों की स्थिति की बेहतर समझ प्राप्त होती है और आगे के उपायों की योजना बनाई जा सकती है।

महत्व:

  • जल संसाधन प्रबंधन: जलाशयों का संरक्षण और विकास जल संसाधनों के बेहतर प्रबंधन में मदद करेगा।
  • भूजल स्तर बढ़ाना: जलाशय भूजल स्तर को बनाए रखने और बढ़ाने में मदद करेंगे।
  • कृषि उत्पादन बढ़ाना: उपलब्ध पानी से सिंचाई में सुधार होगा, जिससे कृषि उत्पादकता बढ़ेगी।
  • जैव विविधता संरक्षण: जलाशय जलीय और अन्य प्रजातियों के लिए आवास के रूप में कार्य करेंगे।
  • जल स्वच्छता: जल स्रोतों की गुणवत्ता में सुधार होगा।
  • जलवायु समायोजन: जलाशय स्थानीय जलवायु को संतुलित करने में मदद करेंगे।
  • आजीविका सहायता: जलाशय मछली पालन और अन्य जलीय कृषि गतिविधियों के लिए आजीविका के स्रोत प्रदान कर सकते हैं।

सरकार द्वारा अन्य पहल

  • सरकार द्वारा अमृत सरोवर अभियान के एक भाग के रूप में कई पहल की हैं। इनमें 75 जलाशयों का उद्घाटन, गांव स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम और जलाशय विकास गतिविधियों के लिए वित्तीय सहायता शामिल है। गांवों को जलाशयों के विकास के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है और स्वयं सहायता समूहों को इस प्रक्रिया में शामिल किया जा रहा है।
  • सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के संगठनों को भी जलाशयों के विकास में योगदान करने के लिए आमंत्रित किया गया है। पोर्टल लोगों की भागीदारी और डेटा विश्लेषण के माध्यम से इस अभियान को आगे बढ़ाने का प्रयास करता है।
अमृत सरोवर पोर्टल कब शुरू किया गया था?

21 अप्रैल, 2022

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