कुर्ग अरेबिका कॉफी: उत्पादन क्षेत्र और GI टैग

कुर्ग अरेबिका कॉफी (Coorg Arabica Coffee) कर्नाटक राज्य के कुर्ग (Coorg) क्षेत्र से उत्पादित होने वाली एक विशिष्ट और लोकप्रिय कॉफी किस्म है।

कुर्ग अरेबिका कॉफी (Coorg Arabica Coffee) कर्नाटक राज्य के कुर्ग (Coorg) क्षेत्र से उत्पादित होने वाली एक विशिष्ट और अत्यंत लोकप्रिय कॉफी किस्म है। इस क्षेत्र की मिट्टी और जलवायु कॉफी की खेती के लिए बेहद अनुकूल है, जिससे यहां की कॉफी अपनी विशिष्ट गुणवत्ता और स्वाद के लिए जानी जाती है।

कुर्ग अरेबिका कॉफी के बारे में विस्तृत जानकारी निम्नलिखित है

उत्पादन क्षेत्र और जलवायु:

  • कुर्ग क्षेत्र कर्नाटक राज्य के मलनाड (Malnad) क्षेत्र में स्थित है, जो पश्चिमी घाट पर्वतमालाओं का हिस्सा है। इस क्षेत्र की मिट्टी जैविक पदार्थों से समृद्ध है और जलवायु शीतोष्ण है, जो कॉफी की खेती के लिए बेहद अनुकूल माना जाता है। 
  • वर्षा की अच्छी मात्रा और ठंडा तापमान कॉफी की उच्च गुणवत्ता सुनिश्चित करता है।

कॉफी की किस्म और खेती:

  • कुर्ग क्षेत्र में मुख्य रूप से अरेबिका कॉफी की खेती की जाती है।
  •  अरेबिका कॉफी दुनिया भर में उगाई जाने वाली सबसे लोकप्रिय और उच्च गुणवत्ता वाली कॉफी किस्म है।
  • यह लगभग 900-1200 मीटर की ऊंचाई पर उगाई जाती है। 
  • कुर्ग में छोटे और परंपरागत खेतों में हाथों से कॉफी की खेती की जाती है, जिससे इसकी गुणवत्ता बनी रहती है।

प्रसंस्करण 

  • इसको परंपरागत विधि से प्रसंस्कृत किया जाता है। इसमें कॉफी के बीजों को धीरे-धीरे सुखाया जाता है, फिर उनकी छिलकें उतारी जाती हैं और अंत में उन्हें भूने जाते हैं। 
  • यह प्रक्रिया कॉफी के स्वाद और गुणवत्ता को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

स्वाद और गुणवत्ता:

  • कुर्ग अरेबिका कॉफी का स्वाद गहरा, मधुर और फलीय होता है। 
  • इसमें चॉकलेट, अखरोट और मसालों जैसे स्वाद भी पाए जाते हैं।
  • यह कॉफी बेहद सुगंधित और गुणवत्तापूर्ण मानी जाती है। इसकी गुणवत्ता को जलवायु, मिट्टी और खेती की परंपरागत विधि का श्रेय दिया जाता है।

उत्पादन 

  • कुर्ग क्षेत्र में लगभग 75,000 हेक्टेयर क्षेत्र में कॉफी की खेती की जाती है। यहां प्रतिवर्ष लगभग 1 लाख टन कॉफी का उत्पादन होता है, जिसमें से ज्यादातर निर्यात किया जाता है। 
  • कुर्ग अरेबिका कॉफी का निर्यात मुख्य रूप से यूरोप, अमेरिका और जापान में किया जाता है।

भौगोलिक संकेत (GI) टैग और ब्रांडिंग

  • कुर्ग अरेबिका कॉफी की गुणवत्ता और विशिष्टता को बनाए रखने के लिए इसे भौगोलिक संकेत (GI) टैग प्राप्त है।
  • साथ ही, कई कॉफी निर्यातक और उत्पादक इसे अलग-अलग ब्रांडों के तहत भी बेचते हैं। उदाहरण के लिए, ‘कुर्ग अरेबिका गोल्ड’ और ‘कुर्ग अरेबिका मसाला’ प्रमुख ब्रांड हैं।

सामाजिक और आर्थिक महत्व:

यह न केवल भारत बल्कि विश्व स्तर पर भी एक लोकप्रिय और प्रतिष्ठित कॉफी है। इसका उत्पादन कुर्ग क्षेत्र के किसानों के लिए प्रमुख आजीविका का साधन है। यह उद्योग कुर्ग की अर्थव्यवस्था में भी महत्वपूर्ण योगदान देता है। साथ ही, कॉफी संस्कृति ने कुर्ग की पहचान को भी विशिष्ट बनाया है।

कुर्ग अरेबिका कॉफी का संबंध भारत के किस राज्य से हैं?

कर्नाटक।

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