ग्रिड-इंडिया ने मिनीरत्न कंपनी का दर्जा प्राप्‍त किया

ग्रिड कंट्रोलर ऑफ इंडिया लिमिटेड (ग्रिड-इंडिया) कंपनी ने मिनीरत्न श्रेणी-I का दर्जा प्राप्त करके एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है।

हाल ही में, ग्रिड कंट्रोलर ऑफ इंडिया लिमिटेड (ग्रिड-इंडिया) कंपनी ने मिनीरत्न श्रेणी-I केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यम (सीपीएसई) का दर्जा प्राप्त करके एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है।

मिनीरत्न कंपनी ‘ग्रिड-इंडिया’

  • भारत सरकार के विद्युत मंत्रालय द्वारा प्रदत्‍त यह मान्यता देश के विद्युत परिदृश्य में ग्रिड-इंडिया की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करती है।
  • ग्रिड-इंडिया के पास भारतीय विद्युत प्रणाली के त्रुटिहीन और निर्बाध संचालन की देखरेख करने, क्षेत्रों के भीतर और उनके पार विद्युत शक्ति का कुशल हस्तांतरण सुनिश्चित करने, विश्वसनीयता, मितव्ययिता और स्थिरता पर ध्यान देने के साथ ही साथ पारदेशीय विद्युत विनिमय सुगम बनाने का महत्वपूर्ण दायित्व है। यह किफायती और कुशल थोक विद्युत बाजारों को सुगम बनाता है और निपटान प्रणालियों का प्रबंधन करता है।
  • पांच क्षेत्रीय लोड डिस्पैच केंद्रों (आरएलडीसी) और राष्‍ट्रीय लोड डिस्पैच सेंटर (एनएलडीसी) के समावेशन युक्‍त ग्रिड-इंडिया दुनिया की सबसे बड़ी और सबसे जटिल विद्युत प्रणालियों में से एक, ऑल इंडिया सिंक्रोनस ग्रिड के प्रबंधन की बड़ी जिम्मेदारी निभाती है।
  • विगत वर्षों में, ग्रिड-इंडिया ने विद्युत प्रणालियों के सम्मिलन, बढ़ती ऊर्जा मांगों, नवीकरणीय ऊर्जा (आरई) स्रोतों के प्रसार, आर्थिक विकास एवं तकनीकी प्रगति के साथ-साथ विकसित होते नियमों और बाजार की जरूरतों के अनुरूप तेजी से कार्य किए हैं।
  • ज्ञान-संचालित संगठन के रूप में ग्रिड-इंडिया विद्युत क्षेत्र की बदलती जरूरतों के अनुरूप भारत सरकार द्वारा सौंपे गए विविध कार्यों को पूरा करने के लिए समर्पित है।
  • ग्रिड-इंडिया सभी सम्मिलित हितधारकों के लिए समान अवसर प्रदान करने को बढ़ावा देते हुए स्वतंत्र प्रणाली के संचालन के सिद्धांतों को कायम रखती है।

ग्रिड कंट्रोलर ऑफ इंडिया लिमिटेड (ग्रिड-इंडिया) 

  • स्थापना- वर्ष 2009 
  • यह पूर्ववर्ती पावर सिस्टम ऑपरेशन कॉरपोरेशन लिमिटेड (POSOCO) विद्युत मंत्रालय के तहत भारत सरकार के पूर्ण स्वामित्व वाली कंपनी है। 
  • इसमें पाँच क्षेत्रीय भार प्रेषण केंद्र (RLDC) और एक राष्ट्रीय भार प्रेषण केंद्र (NLDC) शामिल हैं।
  • दक्षिण क्षेत्रीय भार प्रेषण केंद्र (द.क्षे.भा.प्रे.कें) भारत के दक्षिणी क्षेत्र के आरएलडीसी कार्यों की देखभाल करता है।

विजन:

बिजली के विश्वसनीयता, सुरक्षा और अर्थव्यवस्था के विनिमय के साथ क्षेत्रों और अंतरराष्ट्रीय के अंदर और बाहर बिजली शक्ति के स्थानांतरण की सुविधा क्षेत्रीय और राष्ट्रीय पावर सिस्टम्स के एकीकृत संचालन को सुनिश्चित करना है|

मिशन:

विद्युत के हस्तांतरण की सुविधा तथाविश्वसनीयता, सुरक्षा एवं मितव्ययिता के साथ ऊर्जा के अंतर-राष्ट्रीयविनिमय के लिए क्षेत्रीय और राष्ट्रीय पावर सिस्टम्स के एकीकृतपरिचालन को सुनिश्चित करना।

मिनीरत्न कंपनी

  • ‘मिनीरत्न’ भारत में सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों (पीएसयू) की एक श्रेणी है।
  • इन कंपनियों को नवरत्न और महारत्न कंपनियों से छोटी माना जाता है ।
  • मिनीरत्न के रूप में क्लासिफाई होने के मानदंड भारत में डिपार्टमेंट ऑफ पब्लिक एंटरप्राइज (डीपीई) द्वारा निर्धारित किए जाते हैं।
  • वर्तमान में भारत में कुल 74 मिनीरत्न सार्वजनिक उपक्रम  हैं।
  • यह कंपनियाँ  विमानन, रक्षा, दूरसंचार और इंजीनियरिंग जैसे क्षेत्रों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। 

FAQ

ग्रिड कंट्रोलर ऑफ इंडिया लिमिटेड (ग्रिड-इंडिया) की स्थापना कब की गई?

वर्ष 2009 में।

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